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विश्व शांति और समृद्धि के लिए गाय जैसा नहीं कोई- पीड़ित गौवंश उपचार सेवा समिति लाडवा

gau mata

कहते हैं कि जो गौमाता के खुर से उड़ी हुई धूलि को सिर पर धारण करता है, वह मानों तीर्थ के जल में स्नान कर लेता है और सभी पापों से छुटकारा पा जाता है । पशुओं में बकरी, भेड़, ऊंटनी, भैंस का दूध भी काफी महत्व रखता है। किंतु केवल दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के कारण भैंस प्रजाति को ही प्रोत्साहन मिला है, क्योंकि यह दूध अधिक देती है व वसा की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे घी अधिक मात्रा में प्राप्त होता है।

अनादिकाल से गाय का लौकिक और पारमर्थिक क्षेत्र में महत्व रहा है, इसलिए गाय को विश्व की माता के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। ‘गावो विश्वस्य मातर:’ गाय के शरीर में 33 करोड़ देवताओं का अधिवास रहता है। गाय परम पूज्नीय है। भगवान का धराधाम पर अवतरण गौ रक्षा के लिए होता है।

गौमाताकीपूजा से जीवन-मरण से मोक्ष की प्राप्ति संभव है। जिस घर में गौमाता होती है, वह परिवार संस्कारी और सुखी होता है। यह प्रवचन गाय के दूध में वे सारे तत्व हैं, जो जीवन के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि मरने से पहले गौ की पूछ छूते हैं ताकि जीवन में किए गए पापों से मुक्ति मिले। गाय की महिमा को शब्दों में नहीं बांधा जा सकता। गौमूत्र बीमारियों को दूर करने के लिए रामबाण माना जाता हैं। लेकिन भाग्य बदलने वाली तो गौ-माता है। उसके दूध से जीवन मिलता है। गाय के दूध में वे सारे तत्व मौजूद है जो जीवन के लिए जरूरी है। मीरा जहर पीकर जीवित बच गई क्योंकि वे पंचगव्य का सेवन करती थी, लेकिन आज लोगों में मीरा जैसी भावना नहीं बची। इस अवसर पर समाजसेवक उपस्थित थे।

आज भी कई घरों में गाय की रोटी राखी जाती है। कई स्थानों पर संस्थाएं गौशाला बनाकर पुनीत कार्य कर रही है, जो कि प्रशंसनीय कार्य है। साथ ही यांत्रिक कत्लखानों को बंद करने का आंदोलन, मांस निर्यात नीति का पुरजोर विरोध एवं गौ रक्षा पालन संवर्धन हेतु सामाजिक धार्मिक संस्थाएं एवं सेवा भावी लोग लगातार संघर्षरत है।

दुःख इस बात का भी होता है कि लोग गाय को आवारा भटकने के लिए बाजारों में छोड़ देते है। उन्हें इनके भूख प्यास की कोई चिंता ही नहीं होती। लोगों को चाहिए की यदि गाय पालने का शौक है तो उनकी देखभाल भी आवश्यक है, क्योंकि गाय हमारी माता है एवं गौ रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है।

पीड़ित गोवंश उपचार सेवा समिति का गठन बेसहारा गोवंशो की सेवा के लिए व यदि किसी गोवंश को थोड़ी चोट लगती है उसका उपचार अपने स्तर पर करने अगर चोट ज़्यादा है तो प्राथमिक उपचार के पश्चात उसे पीपली हस्पताल में भेजने का कार्य किया जाता है अगर कोई गोवंश मृत पाया जाता है तो उसकी पूरे विधि विधान से अंतिम क्रिया की जाती है ऐसे में समिति द्वारा निर्णय लिया कि हमें गोवंशो के साथ हो रही दुर्घटनायें रोकनी है इस मुहिम में दिन रात समिति के सदस्य गोवंशो के गलो में रेफ़्लेक्टर बेल्ट डालने का कार्य किया जा रहा है अभी तक लगभग 200 के क़रीब गोवंशो को बेल्ट डाली जा चुकी है ओर यह कार्य निरन्तर जारी रहेगा

प्रधान – रोहित महंत 96712 00073
उप प्रधान – राहुल आहूजा 89300 59255
सचिव – वैभव चावला 96713 31439
सह -सचिव – हिमेश मदान 82954 98386
कोषाध्यक्ष– सुरेंद्र गुप्ता 92555 29164
सह कोषाध्यक्ष – गौरव नीलवान 92555 67849
मीडिया प्रभारी – मानव गर्ग 98968 67707
मुख्य सलाहकार – अवतार धनोर 99967 23423
सदस्य – हिमांशु शर्मा 99962 44493
शिव गुप्ता 9050030786
राहुल मलिक 96711 16144
राजेश प्रजापत 80537 48443

Our Aim:- This foundation is dedicated to working towards bettering cows (Gau Mata). Sick, and injured cows This campaign is initiated by Very Youg Peoples Of Ladwa to safeguard, protect & support Gau Mata

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